ये माया तेरी

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
श्री राम भजन विष्णु भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ये माया तेरी,अजब निराली भगवान,

बङे-बङे ॠषियों को लूटा,शूर वीर बलवान,

हाड माँस का बना पूतला,ऊपर चढा है चाम,

देख-देख सब लोग रिझावे,केवल रूप ओर नाम,

हाथ पैर इनके नही दीखे,फिर भी करे सब काम,

आँख कान रसना नही इनके,फिर भी है सब ज्ञान,

करते है उपदेश ओरा को,भूल गया निज खाम,

ओरो की उलझन में फसकर,अपना काम तमाम,

आ माया है जगत डाकणी,नही करती विश्राम,

सदानन्द निज रूप को जानो,मिथ्या जगत तमाम,

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।