आपको ही आसरो है

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
माता दुर्गा भजन विष्णु भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आपको ही आसरो है,आपको ही शरणो है,

आपके ही चरणो में,जीणो ओर मरणो है,

आप ही माता-पिता,कुटुम्ब परिवार हो,

भाई बन्धु सखा सहायक,तुम ही शरदार हो,

जीवन को उद्धार प्रभु,आपने ही करणो है,

शरण आए की लज्जा,राखो तुम दीनानाथ,

भव बीच नैया डोले,डोरी अब तेरे हाथ,

भलो बुरो जो भी हूँ में,आपने विचारणो है,

तुम ही नैया खवैया,तुम ही पतवार हो,

दीन बन्धु दु:खियों के,तुम ही आधार हो,

अर्ज हमारी प्रभु,आपको ही तारणो है,

ॠषि मुनी गण सब,करे सब बन्दगी,

सुणलो पुकार प्रभु,अब सदानन्द की,

शरण आये को प्रभु,सारो दुःख हरणो है,

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।