सांवरियां मन भाया रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरियां मन भाया रे

सोहनी सूरत मोहनी मूरत,

हिरदये बीच समाया रे,

सांवरियां मन भाया रे

देश में ढूंढा विदेश में ढूंढा,

अंत को अंत न पाया रे,

सांवरियां मन भाया रे

काहू में एहमद काहू में ईसा,

काहू में राम कहाया रे,

सांवरियां मन भाया रे

सोच कहे इक रंग पिया,

जिन ढूंढा तीन पाया रे,

सांवरियां मन भाया रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।