दर से तुम्हारे कोई जाये न खाली माँ शेरोंवाली

कुमारी कृतिका खरे
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दर से तुम्हारे कोई जाये न खाली,

माँ शेरोंवाली माँ मेहरोंवाली ।

झोलियाँ भरे सबकी माँ है निराली,

माँ शेरोंवाली माँ मेहरोंवाली ॥

सारे दुःख जीवन के भूल कर,

ज्योति जलाये जा नैन बिछाए जा, माँ की डगर पै ।

मन में बसाकर माँ की मूरत,

माँ को बुलाये जा प्रेम से गाये जा, भक्ति के रस में ।

माँ की छवि है सबको सुख देने वाली,

माँ शेरोंवाली, माँ मेहरोंवाली...

जो भी आये दिल में वो मांग लो,

सब मिल जाता है, दुःख टल जाता है ,माँ की कृपा से ।

धन दौलत और सुख सारा

रिद्धि -सिद्धि हो जी भर पाता है, माँ की कृपा से ।

जी भर ले जाये, जो आये सवाली,

माँ शेरोंवाली माँ मेहरोंवाली...

रूप धरे कालीका मैया

तड़पे दुष्टों से मुक्ति पाने को सृष्टि जो सारी ।

ऐसी निराली महिमा माँ की,

कौन है दुनिया में लीला जाने जो मैया तुम्हारी ।

ऐसी अजब है मेरी माँ मंदिरों वाली,

माँ शेरोंवाली माँ मेहरोंवाली...

गीतकार - कुमारी कृतिका खरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।