आज मैया के दर पे मुझे जाना है

मनोज कुमार खरे
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जिसका मुझे था इंतज़ार, जिसके लिए दिल था बेक़रार

वो घड़ी आ गई-आ गई, आज मैया के दर पे मुझे जाना है

आज मैया के दर्शन मुझे पाना है

वर्षों से मुझको आस लगी थी, तेरे दरश की प्यास जगी थी

होओओओ... आ न पाया मैया मैं तेरे दरबार में

भूला हुआ था मैं पापी संसार में

वो घड़ी आ गई- आ गई, आज बादल दुखों के ये छट जाना है

आज मैया के दर्शन मुझे पाना है...

माँ मेरी इच्छा पूरण कर दो, खुशियों से मेरी भी झोली भर दो

तुम अपना जलवा मुझे भी दिखाओ माँ

चरणों का सेवक मुझे भी बनाओ माँ

वो घड़ी आ गई-आ गई, भव सिन्धु से मुझको तर जाना है

आज मैया के दर्शन मुझे पाना है

गीतकार : मनोज कुमार खरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।