साई नाथ तेरी महिमा सारे जग से निराली है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

साई नाथ तेरी महिमा सारे जग से निराली है,

आता जो भी धाम तेरे जाता नहीं खाली है,

साई नाथ तेरी महिमा सारे जग से निराली है,

श्रद्धा सबुरी का ज्ञान जो तूने सिखाया है,

हर संकट मिट जाते जिस ने अपनाया है,

जीवन उजरिया करे कटी रात जो काली है,

साई नाथ तेरी महिमा सारे जग से निराली है,

तेरी नजर में इक है सब सब धर्मो का तू है रब,

हिन्दू मुश्लिम सब तेरे सब का मालिक तू,

जीवन के बगियाँ का तू ही इक माली है,

साई नाथ तेरी महिमा सारे जग से निराली है,

साई जगत बिबस इक तू हर पल तेरा नाम जपु,

बस यही सपना है तेरे चरणों में मैं रहु

साई नाथ तेरे आये हम बन के सवाली है,

साई नाथ तेरी महिमा सारे जग से निराली है,

बिखरे है शब्द मेरे स्वीकार तो कर लेना,

नादान हु मैं साई मेरी भूल छमा करना,

जैसा भी है बाल तेरा मैंने आस लगाई है,

साई नाथ तेरी महिमा सारे जग से निराली है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।