जैसा सुना था वैसा ही पाया आके तेरे गांव रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जैसा सुना था वैसा ही पाया आके तेरे गांव रे,

ओ सँवारे मेरे ओ सँवारे,

जैसा सुना था वैसा ही पाया आके तेरे गांव रे,

यहाँ देखा चेहरे सब के खिल रहे है

दिल आपस में सब के मिल रहे है,

नफरत नहीं यहाँ पे सिर्फ है प्यार क्या .

ऐसा लगे सभी का एक ही है परिवार,

प्रेमियों के दिल में प्रेम का समंदर,

रहता है प्रेम भाव से,

ओ सँवारे मेरे ओ सँवारे,

जैसा सुना था वैसा ही पाया आके तेरे गांव रे,

यहाँ ना तो कोई छोटा न बड़ा है,

रंग सब पे बस इक ही चढ़ा है,

ऐसा नजारा देखा नहीं घुमा मैं जहान,

मस्ती में देखि तेरी दीवानगी यहाँ,

खाटू वाले की मिलती है सब को किरपा की आके छाव रे,

ओ सँवारे मेरे ओ सँवारे,

जैसा सुना था वैसा ही पाया आके तेरे गांव रे,

दिल कह रहा आके यहाँ मैं न जाऊ,

सारा जीवन श्री चरणों में बिताऊ,

चाहत यही अगर मौत भी आये जो,

निकले प्राण मुख पे श्री श्याम नाम हो,

बदल गया यहाँ आ कर कुंदन देखो मेरा सोहभाव सँवारे,

ओ सँवारे मेरे ओ सँवारे,

जैसा सुना था वैसा ही पाया आके तेरे गांव रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।