जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है,

सच तो ये है मेरे सतगुरु,

मेरी दुनिया आप है,

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है,

आप ही जाने हकीकत तक आप ही माने हयात,

मेरे बाबा आप है मेरे करिसा आप है,

सच तो ये है मेरे सतगुरु,

मेरी दुनिया आप है,

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है,

बंदा परवर आप की बन्दा नवाजी वे मिसाल,

जिसका कोई भी नही उसका सहारा आप है,

सच तो ये है मेरे सतगुरु,

मेरी दुनिया आप है,

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है,

सेकड़ो ने सेकड़ो बार अजमाया हजूर,

मौत को भी टालने वाले मसीहा आप है,

सच तो ये है मेरे सतगुरु,

मेरी दुनिया आप है,

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है,

किस्मते दुनिया सवर जाती है जिनके नाम से ,

मुर्शेदा कामिल वाही नंग्नी वासिया आप है,

सच तो ये है मेरे सतगुरु,

मेरी दुनिया आप है,

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है,

आप के दर से कोई मायूस जा सकता नही,

एह गुनेगारो को जिस पर वो भरोसा आप है,

सच तो ये है मेरे सतगुरु,

मेरी दुनिया आप है,

जिन्दगी और जिन्दगी की हर तमना आप है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।