श्याम श्याम मेरे श्याम श्याम सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम श्याम मेरे श्याम श्याम सांवरिया ....

पंछी ये दिल मेरा उड़ उड़ जाए

पल पल तुझको पुकारे

ढूंढे बस तुझे श्याम तुझको ही चाहे

पल पल तुझको निहारे

तू कर दित्ता की मेरा लगदा ना जी

चलदा न है बस मेरा दस करां की

देखा तेरा रूप सांवरे देखता ही रह गया

कजरारे नैनो की झलक दिल मेरा ले गया

तू कर दित्ता की मेरा लगदा ना जी

चलदा न है बस मेरा दस करां की

पंछी ये दिल मेरा..........

हारे का सहारा सांवरा जब मेरे साथ है

दुनिया का डर नाम मुझे थामा तूने हाथ है

तू कर दित्ता की मेरा लगदा ना जी

चलदा न है बस मेरा दस करां की

पंछी ये दिल मेरा..........

तूने दिया साथ सांवरे मुझ बेसहारे को

यूँ ही नहीं कहती दुनिया श्याम तारण हारे वो

तू कर दित्ता की मेरा लगदा ना जी

चलदा न है बस मेरा दस करां की

पंछी ये दिल मेरा..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।