ना मिटे कर्म का लेख विधाता

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ना मिटे कर्म का लेख विधाता ने जो लिख डाली,

लालच है इक बुरी बीमारी मोहे रोज सतावे भारे,

मैं तेरे दर पे बाबा कई महिमा है न्यारी,

ना मिटे कर्म का लेख विधाता

जीवन मेरा तेरे हवाले बाबा इक बार गले लगा ले,

तेरे दर का बन जाऊ नोकर लू जिमेदारी,

ना मिटे कर्म का लेख विधाता

बजरंगी मेहंदीपुर वाले अब तो बाबा दर्श दिखा दे,

तेरे भगत पे बाला जी अब है विपदा भारी,

ना मिटे कर्म का लेख विधाता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।