तुझसे ही शुरू और खत्म

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुमसे ही शरू और खत्म, बिन तुम्हारे सब अधूरा है,

जो भी है भोले दुनिया में मेरा, सब पर ही हक तेरा है ,

बाबा तेरे लिए मेरे निज मन में, प्यार बड़ा गहरा है ,

तुम बिन नहीं है कोई मेरा, मुझे हर पल सहारा तेरा है ,

बादल संकट के जब छाते, मन में होती घबराहट है ,

कर्पूर गौरं करुणावतारं से मन में होती तेरी आहट है ,

मन में रहता हर पल विश्वास, बाबा संकट का करेंगे निदान,

भोलेनाथ, शिवशंकर, देवादिदेव महादेव, हैं कृपानिधान ,

शिव तुझसे ही मेरे रिश्ते नाते, तुम्हीं मेरे जीवन आधार

तेरी कृपा से मेरे हर संकट मिटे, शुभ मंगल होत अपार ,

ॐ नमः शिवाय !! जय भोलेनाथ !! हर हर महादेव !!

Sundaram

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।