शीश के दानी तेरी जयकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज-ढपली वाले...ढपली बजा )

शीश के दानी तेरी जयकार

तेरा जैसा दुनिया में औ श्याम,

ना कोई लखदातार.

तेरी महिमा को हमने है देखा हमने सुनी है कहानी

हारे हुए को देता सहारा तुमसा ना कोई है सानी

जहाँ भी निहारु मै जब जब पुकारु

तु आ जाता लीले सवार.

दिल में तुम्हारी सुरत हो प्यारी चाहत यही है हमारी

तु मेरा दाता तुम से ही पाता दर का मै तेरे भिखारी

जो चाहुं मै पाऊ तेर दर पर आऊ

तु ही मेरा पालनहार...

फागुन मैं आएं नाचे और गाएं भर भर के झोली ले आएं

रोडा ये कहता कोई भी बाबा खाली ना घर अपने जाएं

ये हमसब भी चाहे और गुण तेरा गाएं

भरो श्याम अब भंडार..

शिश के दानी तेरी जय जयकार

तेरा जैसा दुनिया में औ श्याम

ना कोई लखदातार

जय श्री श्याम

पवन रोडा

सरदारशहर

सम्पर्क:-9772550050

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।