हंस सवारी वाली जगदम्बे जगदम्बे मां जय अम्बे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:-राधे राधे बोल श्याम सुनले तेरी

(धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले)

हंस सवारी वाली जगदम्बे

जगदम्बे मां जय अम्बे

मां ब्रम्हाणी थारो नाम है और पल्लु मै थारो धाम है

हंस सवारी वाली.......

पहले सार्दुल जी की हो पुजा उसके बाद मे काम कोई दुजा

मैया काली और भैरव बाबा साथ साथ थार् दर पर म्हे पुजा

मां कालका भव तार दे भर देती है भंडार ये

थारं दर पर धोक लगांवागा और मन चावा फल पांवागा

हंस सवारी वाली......

नवरात्रों में धुम मच् भारी आव दर पर लाखों नरनारी

मन सुं जो भी ध्याव है मैया विपदा बांकी थे हरल्यो सारी

जग तारणी थारो नाम है सुख दायनी थारो काम है

म्हे थान् चुनर चढांवागा और थारा लाड लडांवागा

हंस सवारी वाली.....

इतनी सी रोडा की है फरियाद भुलुं ना थान् रखुं हमेशा याद

चौखट की थारी सेवा ना छोडुं छोडुं तो आ दुनिया मै छोडुं

अरदास आ स्वीकार ल्यो भक्तां नै थे अब दर्श द्यो

थारी महिमा ज्योती गाव् है और भजनां सु थान् रिझाव है

हंस सवारी वाली जगदम्बे.......

जय श्री श्याम

पवन रोडा

सरदारशहर

सम्पर्क:-9772550050

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।