तू शिव शंकर तू नारायण तू ही राजा राम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन खाटू श्याम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तू शिव शंकर तू नारायण तू ही राजा राम

सारे मिल कर एक हो गए बन गए बाबा श्याम,

हाथों में ले श्याम ध्वजा मन में ले विश्वास,

लो चल चले हम खाटू धाम अब पूरे होगी आस

बात ये मैं नहीं कहता भगत आलूसिंह जी कहते है

जहान में देव है जितने अब वो खाटू में रहते है

तू कहना इनका मान यहाँ बैठे है हनुमान

सारे मिल कर एक हो गए बन गए बाबा श्याम

नहीं कैलाश पर भोले क्षीरसागर में नहीं है हरी

नहीं अयोध्या में श्री राम नहीं वृन्दावन में घनश्याम

तू भटक नहीं नादान और इनको ले पहचान

सारे मिल कर एक हो गए बन गए बाबा श्याम

यही माँ दुर्गा बैठी है यही माँ सीता रहती है

यही माँ लक्ष्मी जी का वास

कृष्ण राधा करते यहाँ रास

मत हो तू हैरान इस बात पे दे तू ध्यान

सारे मिल कर एक हो गए बन गए बाबा श्याम

पक्का विश्वास करले तू साथ तेरा निभाएगा

रखे बैकुंठ में तुझको भव से ये पार लगाएगा

मत बन तू अनजान और इनको ले पहचान

सारे मिल कर एक हो गए बन गए बाबा श्याम

ना ही ये यज्ञ से मिलता है ना ही ये तप से मिलता है

ना ही ये दान से मिलता है ना ही अभिमान से मिलता है

योगी भजन सूना ले तू तेरा कर देगा कल्याण

सारे मिल कर एक हो गए बन गए बाबा श्याम

तू शिव शंकर तू नारायण तू ही राजा राम

सारे मिल कर एक हो गए बन गए बाबा श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।