कृपालु श्री श्याम सूंदर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृपालु श्री श्याम सूंदर,

किरपालु किरपा की बरसात करदे,

इनके हिरदये में प्रेम भरा है,

भगवन सब से प्रेम है करते,

कौन है अपना कौन बेगाना,

कौन है वैरी कौन दीवाना,

इन के लिए सब इक बरोबर,

भगवान किसी में भेद न करते,

कृपालु श्री श्याम सूंदर,

कोई कहे गिरधर कोई मुरलीधर,

कोई कहे छलिया कोई कहे नटवर,

किसी नाम से भी इनको पुकारो,

प्रेम की भाषा भगवन समझते,

राधा तो इनके दिल में समाई,

कर के भगत सोइ मीरा ने पाई,

नंदू भगत के भाव समज कर,

भगतो के बक्शण दूर न रहते,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।