याद तेरी बहुत जब सतायी श्याम आंखे मेरी भर आयी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

याद तेरी बहुत सतायी,

श्याम आंखे मेरी भर आयी

यु तो कहते हो तुम मेरे नजदीक हो,

मैं तेरा मीत हु तुम मेरे मीत हो,

मैंने समजी तेरी चतुराई,

श्याम आंखे मेरी भर आयी

जब जरुरत हुई तो खबर न मिली ,

दिन कितने ढले रात कितने ढली ,

सूद तुम्हने हमारी भुलाई,

श्याम आंखे मेरी भर आयी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।