साईनाथ तेरे हज़ारों हाथ

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तू ही फकीर तू ही है राजा

तू ही है साईं तू ही है बाबा

साईनाथ, साईनाथ तेरे हज़ारों हाथ

जिस जिस ने तेरा नाम लिया

तू हो लिया उसके साथ

इत् देखूं तो तू लागे कन्हैय्या

उत् देखूं तो दुर्गा मैय्या

नानक की मुस्कान है मुख पर

शान-ए-मोहम्मद भी है मुख पर

साईनाथ, साईनाथ तेरे हज़ारों हाथ

राम नाम की है तू माला

गौतम वाला तुझ में उजाला

नीम तेरे की मीठी छाया

बदले हर चोले की काया

साईनाथ, साईनाथ तेरे हज़ारों हाथ

तेरा दर है दया का सागर

सब मजहब भरते है गागर

पावन पारस तेरी आग

तेरा पत्थर कण कण राग

साईनाथ, साईनाथ तेरे हज़ारों हाथ

तेरा मंदिर सब का मदीना

जो भी आये सीखे जीना

तू चाहे तो टल जाये घात

तू ही भोला तू ही नाथ

साईनाथ, साईनाथ तेरे हज़ारों हाथ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।