तू पकड़ ले मेरा हाथ तेरी मैं हो जाऊं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम धणी सरकार दुनिया से गई मैं हार

ना दुःख अब सेह पाऊं तू पकड़ ले मेरा हाथ तेरी मैं जाऊं

दुनिया की सताई बाबा दिन रात में रोती हूँ

रो रो के अँसुअन से बाबा मुखड़ा धोती हूँ

मेरी सुन ली करूँ पुकार हे बाबा लखदातार ना अब मैं सो पाऊं

तू पकड़ ले मेरा हाथ तेरी मैं हो जाऊं ..............

झूठा है जग सारा मतलब के नाते हैं

जब तक जेब में पैसा सब साथ निभाते हैं

ये मोह माया जंजाल बाबा रख ले मेरा ख्याल सफल मैं हो जाऊं

तू पकड़ ले मेरा हाथ तेरी मैं हो जाऊं ..............

हारे हुए को बाबा तुमने जिताया है

याद करे जो तुझको तूने साथ निभाया है

मोना प्रिंस को बाबा तार हे लीले के असवार दर्श तेरा पाऊं

मेरे सर पे रख दे हाथ तेरी कृपा पाऊं

तू पकड़ ले मेरा हाथ तेरी मैं हो जाऊं ..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।