अरे रे दर्श कारणे भेरू आया

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अरे रे दर्श कारणे भेरू आया

सोनाला माय दर्शन दीजो

टाबरिया जोवे बाट अरजी सुनजो

थाने जोडा दोनु हाथ अरजी सुनलो

अरे सोनाला रा नाथ हेलो सांभलो ओ जी

अरे सोनाला रा देव हेलो सुनलो

माँ चामुण्डा रा लाल अरजी सुनलो

अरे सोनाला रा देव अरजी संभालो ओ जी,

अरे थारे चढावन कारणे भेरूजी ओ

आज बाकलीया रंदावु हेलो सुनजो

भेरू बाकलीया रंदावु हेलो सुनजो

ओ भेरू ब्राम्हणी रा लाल अरजी सुनलो

अरे सोनाला रा नाथ हेलो संभालो ओ जी

अरे काला रे गोरा वीर खेतला

भक्तो रा आधार हेलो सुनजो

भेरू भक्तो रा आधार हेलो सुनजो

ए थाने जोडु दोनु हाथ हेलो सुनजो

अरे भगतो रा रखवाल हेलो संभालो ओ जी

अरे माता ब्राह्मणी रा लाल भेरू

भगतो रा रखवाल हेलो सुनजो

ए माँ चामुण्डा रा लाल अरजी सुनलो

ए भगतो रा प्रतीपाल हेलो संभालो ओ जी

अरे लख लख आवे जातरी भेरूजी ओ

आज ध्यावे दिन ने रात अरजी सुनलो

ओ मारा सारंगवा रा नाथ अरजी सुनलो

अरे सोनाला रा वीर हेलो संभालो ओ जी

अरे आपरे दर्श रे कारणे भेरू आया

सारंगवा रे माय दर्शन दीजो

टाबरिया जोवे बाट अरजी सुनजो

थाने जोडा दोनु हाथ अरजी सुनलो

अरे सोनाला रा नाथ हेलो संभालो ओ जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।