शेर पे आजा मैया तु दर्श दिखा जा मैया

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माँ शारदे भवानी है तू बड़ी कल्याणी,

ज्योता वाली मेहरा वाली मेरी भर दे झोली खाली,

शेर पे आजा मैया तु दर्श दिखा जा मैया,

सारे जग में नाम तेरा तेरा ही है उजियारा,

मिटे सब की साड़ी ही भलाई गंगा की पावन धारा,

तेरे नाम कई तेरे धाम कई है शक्तिशाली माँ मेरी,

शिव भ्र्म विष्णु गाये माँ स्तुति माँ महिमा की माँ बात तेरी,

तू भाग्ये जगा जा मैया तू दर्श दिखा जा मैया,

शेर पे आजा मैया तु दर्श दिखा जा मैया,

तेरी महिमा कौन न जाने भ्र्म शिव के मन भाति,

मम लक्ष्मी रूप में माँ मेरी तुम भंडारे सब भर जाती,

जो आलस छोड़ करे गुण गान माँ उनको सुख तू पोहचानती,

हम शीश जुका कर कहते मन की आस पूरी करो दादी,

तू बिगड़ी बना जा मैया तू दर्श दिखा जा मैया,

शेर पे आजा मैया तु दर्श दिखा जा मैया,

जगजनी माँ माफ़ करदो जो किये है पाप बड़े,

अनजान थे जो कुछ समजे न तेरे चरणों में हम मात पड़े,

मुस्कान करे गुणगान तेरा माँ ये भी है सौगात तेरी,

तेरी रचना से है ही जग सारा माँ चमक दामिनी है मेरी,

तू पार लगा जा मैया तू दर्श दिखा जा मैया,

शेर पे आजा मैया तु दर्श दिखा जा मैया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।