सारे जग में धूम मची है केवल इक ही नाम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारे जग में धूम मची है केवल इक ही नाम की,

खाटू के श्याम की खाटू के श्याम की,

यु ही नहीं दीवानी दुनिया उस जादुई धाम की,

खाटू के श्याम की खाटू के श्याम की,

सारे जग में ना देखा कही दरबार ऐसा,

जमीन से अस्मा तक नहीं दातार ऐसा,

बिना ही मनाएगे भर्ती यहाँ भगतो की झोली,

याहा लाखो की इस ने बंद तकदीर खोली,

भाग्ये समय भी करे पालना इस के हर प्रमाण की,

खाटू के श्याम की खाटू के श्याम की,

जग से उमीदे छोड़ो श्याम का द्वार देखो ,

कर के विश्वाश आओ फिर चमत्कार देखो,

होगा सच्चा समपर्ण तो सब कुछ बार देगा,

करेगा फ़िक्र तुम्हारी पिता सा प्यार देगा,

जैसे पिता करता है चिंता भगतो के आराम की,

खाटू के श्याम की खाटू के श्याम की,

यहाँ फागुन में देखो लगे है अद्भुत मेला,

यहाँ तक नजर ये जाए दिखे भगतो का रेला,

श्याम से जय कारो से गूंजता अम्बर सारा,

नजर में जो बस जाए हर तरफ वही नजारा,

दूर दूर तक लगी कटारे केसरियां निशान की,

खाटू के श्याम की खाटू के श्याम की,

तुम्हारे नाम से ही दुनिया आबाद मेरी,

तुम्हरी श्री चरणों में यही फर्याद मेरी,

कही भी रहु प्रभु मैं कही पर भी मैं जाऊ,

रहु किस हाल पे पर तुम्हरा नाम गाऊ,

जमन जमन सोनू रजनी को सेवा मिले गुणगान की,

खाटू के श्याम की खाटू के श्याम की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।