आओ भोले भंडारी देखु कब से राह तेरी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आओ भोले भंडारी देखु कब से राह तेरी,

तेरी इंतजारी में प्यासी है निगाह मेरी ,

आओ भोले भंडारी देखु कब से राह तेरी,

देखा है मैंने जब से बाबा तुम्हारा मुखड़ा,

उस दिन से दिल हमारा रहता है उखड़ा उखड़ा,

तेरी गहरी आँखों में दुभने की चाह मेरी,

तेरी इंतजारी में प्यासी है निगाह मेरी ,

अर्जी पे गौर करना अव गुण बुला के सारे,

मैं हु तुम्हारा बेटा तुम जगत पिता हमारे,

पिता जी के नाते से करो परवाह मेरी,

तेरी इंतजारी में प्यासी है निगाह मेरी ,

नंदी पे चढ़ के आओ महदेव डमरू धारी,

पलके बिछा के तेरा स्वागत करे अनाड़ी,

हर्ष तेरा दीवाना मांगे है पन्हा तेरी,

आओ भोले भंडारी देखु कब से राह तेरी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।