सारे रल मिल के बोलो जैकारा माई दा

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सारे रल मिल के बोलो जैकारा माई दा

जेहडा प्यार नाल बोलो ओह प्यारा माई दा

झूम झूम के हर दीवाना माँ दे दर ते गावे

छोटा वड्डा हर कोई माँ दी जय जैकार बुलावे

जयकारे दी मस्ती ऐसी सब नु मस्त बनावे

जिधर वी मैं नज़र मारदा, एह आवाज ही आवे

सारे जग तो नयारा द्वारा माई दा,

सारे रल मिल के बोलो...

जिस जिस ने वी माँ भोली दी जय जैकार बुलाई

पवन स्वरूपा माँ अम्बे ने उसदी लाज बचायी

जयकारे दी गूँज दे अन्दर रेह्न्दी है महा माई

जयकारे दी महक है ऐसी हर था जो समायी

आवो देख लईये रल के नज़ारा माई दा

सारे रल मिल के बोलो...

एह जैकारा हिंदी वीरां रण भूमि विच लाया

शक्ति ने शक्ति नाल अपनी सब दा मान वधाया

मुश्किल दे विच एह जैकारा सबना दे कम आया

दर्शी जिस लाया जैकारा माँ दा लाल कहाया

होवे निश्चः ते मिलदा सहारा माई दा

सारे रल मिल के बोलो...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।