हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम

पारंपरिक
श्री गणेश भजन राम भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम,

हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम,

बर्मा के चारो वेदो से ये नाम उचार ता है,

शिव जी के मानस मंदिर में दीपक सा जलता है,

नारद जी की वीणा पे भजता है यही नाम,

हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम,

ये नाम बनाया प्रथम पूज गणपति को पल भर में,

मिल गया यही अवलंब नाम शभरी को जंगल में,

लाखो का बेडा पार किया पहुँचाया प्रभु के द्वार,

हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम,

बजरंग बलि के बल में इसकी महिमा भारी है,

धुर्व और बभीषन को भी ये भूति प्यारी है,

प्रह्लाद इसी को जपते से निशवषर आठों याम,

हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।