तेरे नैना दे प्यालियां चो जरा पीती है

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नैना दे प्यालियां चो जरा पीती है

ज़रा जिन्नी पीती है, थोड़ी जिनी पीती है

मेनू दुनिया दी लोको कोई होश न रही

चुप कितेया जुबा एह खामोश न रही

मेरी इक इक गल दा तराना हो गया

मैं दीवाना हो गया, मैं मस्ताना हो गया

तेरे नैना दे प्यालियां चो...

मैं गरीब नहीं जे लोको मैं अमीर हो गया

शाह मिलेया ते शाही मैं फ़कीर हो गया

मेरा धरती तो उच्चा आशिआना हो गया

मैं दीवाना हो गया, मैं मस्ताना हो गया

तेरे नैना दे प्यालियां चो...

जिधर वेखदा मैं तेरे ही नज़ारे वेखदा

तेरी मुठ्ठी विच चन्न ते सितारे वेखदा

मेरे आसे पासे लाला दा खजाना हो गया

मैं दीवाना हो गया, मैं मस्ताना हो गया

तेरे नैना दे प्यालियां चो...

जन जन विच मेरा एह संदेश दे देओ

गली गली कूच कूच देश देश दे देओ

हूँ पीना ते पियाना साडा कम् हो गया

मैं दीवाना हो गया, मैं मस्ताना हो गया

तेरे नैना दे प्यालियां चो...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।