ऐसा साई संत निराला

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ऐसा साई संत निराला सबका संक्नत जिसने टाला,

राम कहे कोई हरसत नानक कोई कहता गोपाला,

ऐसा साई संत निराला

नीम तले जो आकर बेठा पल भर में तूफ़ान को रोका,

मुखड़े पे है तेज रूहानी आल्हा आल्हा लब से कहता,

कोड मिटाया कोडी का अन्धो को दिया उजाला,

ऐसा साई संत निराला

देखो सब के भाग जगाए,पानी से दीप जलाए,

श्रधा सबुरी मन्त्र सिखाये हिन्दू मुस्लिम साथ मिलाये ,

तेरी मजिद सब का मंदिर तू काशी तू शिवाला,

ऐसा साई संत निराला

बाबा तेरा कोई न सानी तेरी हस्ती सब ने मानी ,

तेरा नित रस जिस ने भी गया उस ने जीवन का सुख पाया,

अपने जीवन का अंतिम सुख ओरो को ले डाला,

ऐसा साई संत निराला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।