ये दरबार श्याम का

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अर्जी लगा लो बाते अपनी मना लो जो भी चाहो तुम पा लो भगतो,

है दरबार श्याम का ये दरबार श्याम का,

बड़ा निराला है इसका शिवाला खाटू वाले श्याम का

केशव अवतारी तीन बानो का धारी,

महिमा सब से है प्यारी नीला घोडा असवारी,

द्तारी सारे जग में सिक्का चलता खाटू वाले के नाम का,

अर्जी लगा लो बाते अपनी मना लो जो भी चाहो तुम पा लो भगतो,

है दरबार श्याम का ये दरबार श्याम का,

हर ग्यारस दर पे भगतो का मेला लगता,

फागुन की महीने में ये सबसे सुंदर दीखता,

बड़ा ही छेल छबीला रंग रंगीला रूप वाले के नाम का,

अर्जी लगा लो बाते अपनी मना लो जो भी चाहो तुम पा लो भगतो,

है दरबार श्याम का ये दरबार श्याम का,

हर संकट हरता सबका ही मंगल करता,

पत्थर पारस में ढलता ये शर्मा की झोली भरता,

संवारा दीवानों का चाहने वालो का ध्यान रखता है मान का,

अर्जी लगा लो बाते अपनी मना लो जो भी चाहो तुम पा लो भगतो,

है दरबार श्याम का ये दरबार श्याम का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।