छोड़ जगत की बातां ने

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ जगत की बातां ने,

थूं राम जी को नाम संभाल ,खो दियो कचरा में,

राम नाम मे मातो ठनके ,झूटी बातां में ऊबो कड़के,

आयोड़ो अवसर जाय बातां बातां में ,

थारी मारी में उमर बीती,मिले नहीं लाभ बातां सब रीती,

भाया कर ले सुकरत काम मनख जमारा में,

राजा रावण जरासंध देखो ,वाके अभिमानी को ठेको,

मर गया कुत्ता की मौत, जो करड़ाई में,

कर सेवा यो अवसर आयो,मानव पद तूने मुश्किल पायो

थने सतगुरु देवे ग्यान , सत का शब्दा में,

गोकुल स्वामी सतगुरु दाता दे उपदेश जीव जगाता,

लादूदास करे पुकार मौज फकीरी में,

भजन गायक - चम्पा लाल प्रजापति मालासेरी डूँगरी

89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।