वारे मारा बाला जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मोटा मोटा राक्षसा की नींद उड़ा दी रे,

वारे बजरंग बाला जी तूने लंका जला दी रे,

रावण लग्यो राम चन्द्र जी की नारी या सीता,

जाकर मारया राक्षसा ने ज्यो फोड़ दिया पपीता,

रावण की सेना की हनुमत नींद उड़ा रे,

वारे.......

सात समुद्र कूद बाला जी लंका माही आयो,

सारी लंका माही घर विभीषण को बचायो,

विभीषण के घर राम जी अलख जगा दी रे,

वारे......

अक्षय कुमार ने मार गिरायो वाटिका उजाड़ी,

जा रावण की सभा मायने सारी शान बिगड़ी,

रावण ने समजाबा ने मंदोदरी आगी रे,

वारे......

रावण मार सिया राम घर आये घर घर बंटे बधाई,

एक रात में पासो पलट्यो लंका धूल उड़ाई,

चम्पा लाल प्रजापति थाकि महिमा सुनाई रे,

वारे.....

भजन गायक - चम्पा लाल प्रजापति मालासेरी डूँगरी

89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।