मेर भोलेनाथ ऐसा भग्तो का रखवाला हैं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा भोलेनाथ ऐसा भग्तो का रखवाला हैं,

सचमुच में भोला भाला है, मेरा भोलेनाथ...

है भांग का सरिया, कैलाश का वसिया, रमिया राम रंग का

है चन्द्र मस्तक पर, गले में है विषधर, है धारक गंग का

शरणागत की प्रेम भक्ति का यही देव मतवाला है,

सचमुच में भोला भाला है, मेरा भोलेनाथ...

संसार की सारी माया समाई है, शिव के झोले में

खुद के लिए कुछ ना, भक्तो को सभूच हां यह शिव के जान में

ऐसा वरदानी, यह गौर मैया का घरवाला है,

सचमुच में भोला भाला है, मेरा भोलेनाथ...

विजया की उमंग, धतूरे की तरंग, नयन भये रतनारे

भजे पैर घुंघरू, संग बाजता डमरू, भये सब मतवारे,

भक्तो का प्रतिपाल जिसने हर बाधा को टाला है,

सचमुच में भोला भाला है, मेरा भोलेनाथ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।