साधो भाई सतगुरु सेन बताई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साधो भाई सतगुरु सैन बताई,

ओरा ने केवु कोई नही समझे ,समझेला गुरुमुखी जोई

गले नही बले सूखे नही कमलावे ,हरि बेल सदाई,

गूंगा की बात ने गूंगों जाणे ,होटा से होट मिलाई,

परणी पिऊ के संग लागे प्यारी ,मस्त रेवे मन माही,

कवांरी भेद जाणे नही पिऊ का, सुण सुण कर तरसाई,

आप अलख खलक रचाया, महिमा वेद सुनाई,

गुप्त प्रकट सतगुरु बोले ,भाग से कोई नर पाई,

गोकुल स्वामी सतगुरु देवा ,सो मेरे मन भाई,

लादूदास आस गुरु की, या ही अर्ज सुनाई,

भजन गायक - चम्पा लाल प्रजापति मालासेरी डूँगरी

89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।