गुरु जी बुलावे अपना देश मे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चालो मारा भाईड़ा, देश परायो छोड़ो रे,

गुरु जी बुलावे अपना देश मे,

इस देश का लोग लड़ाकू ,दया धर्म है थोड़ो रे,

काल तो आवेला किसी वेष में,

डाकू आया शहर में ,रेण दिवस करे दोड़ो रे,

दुनिया तो बंध गई पांचों कोस में,

आशा तृष्णा बढ़ती जावे ,भजन करो दिन थोड़ो रे,

जीवन तो बित्यों पंच क्लेश में,

काम क्रोध उबा मोर ज्यूँ ,संग पाप को घोड़ो रे,

ध्यान धीरज तो राखो साथ मे,

गोकुल स्वामी अन्तर्यामी, संग लादूदास को जोड़ो रे।

भजन गायक - चम्पा लाल प्रजापति मालासेरी डूँगरी

89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।