काहे तेरी अंखियो में पानी

ओसमान मीर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काहे तेरी अंखियो में पानी,

कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी

मीरा प्रेम दीवानी, मीरा कृष्ण दीवानी

दीवानी प्रेम दीवानी, मीरा प्रेम दीवानी

हस के तू पी ले विष का प्याला,

काहे का डर तोरे संग गोपाला ।

तेरे तन की ना होगी हानि,

कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...

सब के लिए मैं मुरली बजाऊं,

नाच नाच सरे जग को नचाऊ ।

सिर्फ राधा नहीं है मेरी रानी,

कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...

प्रीत में भक्ति जब मिल जाए,

जग तो क्या सृष्टि हिल जाए ।

झुक जावे अभिमानी,

कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।