सतगुरु जी बेगा पधारो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन गुरुदेव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु जी बेगा आवो जी, हरो हमारी पीर ,

हरो हमारी पीर , दयालु हरो हमारी पीर,

सतगुरु आवो शब्द सुनाओ , मुझे बंधाओ धीर,

मंझधार में नांव हमारी , कर दो पेले तीर,

सतगुरु जी बेगा ........

कुमाता हरो सुमता बक्शो , बक्शो ज्ञान गमीर,

काम क्रोध मार हटाओ , ताक लगाओ तीर ,

सतगुरु जी बेगा ........

लख चौरासी में गणो दुःख पायो , धार धार शरीर,

आशा तृष्णा पकड़ गेरो , मोह तणा जंजीर,

सतगुरु जी बेगा ........

गोकुल स्वामी सतगुरु देवा , अर्ज सुणो अमीर,

लादूदास पर कृपा किज्यो , भिक्षा मांगे फकीर

सतगुरु जी बेगा ........

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.) 89479-15979

( चम्पा लाल प्रजापति )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।