गुरु जी पधारिया मेहमान

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु जी पधारिया मेहमान ,

आज म्हारे आंगन में,

सतगुरु आया आनन्द छाया , फूला वाली सेज बिचाया,

कंकु का तिलक लगाय , मौज गणी दर्शन में ,

गुरु जी पधारिया ........

गादी तकिया सेज बिछाउ , गुरु दाता ने पलंग पोड़ाऊं,

दर्शन करा जी अपार , प्रेम बसावा हिरदा में,

गुरु जी पधारिया .........

गुरु महिमा को पार न पावे ,सभी सखियां मंगल गावे,

गूँज रही जय जयकार , इंदर बरसे सावन में ,

गुरु जी पधारिया .........

गोकुल स्वामी सतगुरु दाता दे उपदेश जीव जगाता,

लादूदास दास करे पुकार , लोटू गुरु चरणा में,

गुरु जी पधारिया ........

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.)

सिंगर- चम्पा लाल प्रजापति

89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।