नया साल माँ दे नाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नया साल, माँ दे नाल ll

हैप्पी न्यू ईयर xll

भेटें माँ की, गा लो सारे l

दर्शन माँ के, पा लो सारे ll

बोलो जय जयकार,

नया साल, माँ दे नाल ll

मेहरोंवाली, मेहराँ करती l

खुशियों से माँ, झोलियाँ भरती ll

झण्डे झूलन लाल,,,जय हो,

नया साल, माँ दे नाल ll

नए साल जो, दर पे आए l

मईया उसके, भाग जगाए ll

करती मालामाल,,,जय हो,

नया साल, माँ दे नाल ll

पँकज पिंका, भेटें गाएँ l

सब भक्तों को, साथ नचाएँ ll

बोलो सब इक्क वार,,,जय हो,

नया साल, माँ दे नाल ll

हैप्पी न्यू ईयर xll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।