नमो नारायणी नारायणी नारायणी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन रानी सती दादी भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नमो नारायणी नारायणी नारायणी,

भजो नारायणी नारायणी नारायणी,

हे तनधन पिया माँ वरदायनी नारायणी

नमो नारायणी नारायणी नारायणी,

राणा को वर देने वाली रानी सती महारानी,

सब की झोली भरने वाली झुँझन की सेठानी,

कलयुग में है माँ भव तारणी नारायणी

नमो नारायणी नारायणी नारायणी,

अग्रवंश उद्धारक मियां है तू अमर सुहागन,.

रानी सती है नाम तेरा माँ गंगा के सम पावन,

तू है ममतामई मंगल कारनी नारायणी

नमो नारायणी नारायणी नारायणी,

सौरव मधुकर पे किरपा कर चरणों की रज देना ,

जैसे भी हम तेरे है माँ सेवा में रखलेना ,

हम तेरी शरण झुँझन वासनी नारायणी

नमो नारायणी नारायणी नारायणी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।