॥ पावन पाठ ॥
आयो नवरात का मेला मड़ियाँ में नाचे शेर अलबेला,
नाचे शेर अलबेला मड़ियाँ में नाचे शेर अलबेला,
एलियन गलियन बैठी भवानी,
चले भगत को रेला,मड़ियाँ में नाचे शेर अलबेला,
नो माई नो रूप बनाई छोड़ न जरा अकेला ,
मड़ियाँ में नाचे शेर अलबेला,
याहा मनोहर माई यश होवे,
नाचे बिना लिए ठेला,
मड़ियाँ में नाचे शेर अलबेला,