मेरे जीवन को सवारा तूने ही सँवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे जीवन को सवारा तूने ही सँवारे,

करदी इस दुखियारी पे खुशियों की छाँव रे,

मेरे जीवन को सवारा तूने ही सँवारे,

तुमसे जुड़ा है बाबा जीवन का सपना,

खाटू धाम आउ जब भी लगता है अपना,

बन गई नाम से तेरे पहचान सँवारे,

मेरे जीवन को सवारा तूने ही सँवारे,

जिस को संग में लाती श्याम तेरे दर पे,

अपना बनाया उसे रखा हाथ सिर पे,

दर से नहीं खाली जाता कोई भी सँवारे,

मेरे जीवन को सवारा तूने ही सँवारे,

मिलता न इस जीवन में यश को सहारा,

अविनाश कहता बाबा हारे का सहारा

निर्धन आके धनवान बन गई सांवरे,

मेरे जीवन को सवारा तूने ही सँवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।