जब से साथी बना मेरा तू दिलदार साँवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से साथी बना मेरा तू दिलदार साँवरिया

उजड़ा चमन मेरा हुआ,गुलजार साँवरिया

सच कहती है ये दुनिया,तुम हो हारे के सहारे

बिन पानी जो नैय्या को,भव सागर पार करा दे

मेरी डूबती नैय्या का तू खेवनहार साँवरिया

उजड़ा चमन मेरा.....

करुणाकर करुणा करते,संकट प्रेमी के हरते

चाहे कैसी हो दुख परेशानी,तुझे देख के वो भी डरते

मुझे हर पल तेरी रहती दरकार साँवरिया

उजड़ा चमन मेरा ....

तेरे एहसानों की कीमत,ना कभी चुका पाऊँगा

तेरी कृपा से अपनी,झोली भरता जाऊँगा

"रूबी रिधम" का बस इक तू ही रिश्तेदार साँवरिया

उजड़ा चमन मेरा ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।