मन की वीणा के ये तार टूट जाए न करतार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन की वीणा के ये तार टूट जाये न करतार ।

बाबा श्याम धनि दातार ओ खाटू वाले श्याम धनि दातार ।

1) जीवन की नैया के दाता तू ही हो खिवैया ।

हम तेरी शरण में आये खाटू के बसैया ।

तुम हो जग के तारणहार मेरे खाटू के सिरदार ।

मेरे श्याम धनि दातार ओ खाटू वाले श्याम धनि दातार ।

मन की वीणा के ये तार...

2) दिल की धड़कन में बस गूंजे नाम तेरा ही दाता।

दिन हो चाहे रात बाबा ध्यान तेरा ही आता ।

बाबा तुम हो लखदातार चलती तेरी ही सरकार।

मेरे श्याम धनी दातार ओ खाटू वाले श्याम धनी दातार ।

मन की वीणा के ये तार...

3) तुम हो खाटू के राजा ओ बाबा शीश के दानी ।

नाम तेरा ही जपते जपते तर गए लाखो प्राणी ।

बेडा कर दो भव से पर 'आलोक' करे तेरी मनुहार ।

बाबा श्याम धनी दातार ओ खाटू वाले श्याम धनी दातार ।

मन की वीणा के ये तार...

(तर्ज ) :- लीले घोड़े रा असवार...

भजन रचना :- आलोक जोशी (सूरजगढ़ राजस्थान )

मो :- 9599592340 & 8467018418

निवास :- फरीदाबाद

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।