श्री श्याम मंदिर खाटू का जन्नत से है प्यारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री श्याम मंदिर खाटू का जन्नत से है प्यारा,

जन्नत से है प्यारा ये तो जन्नत से है प्यारा,

श्याम धनि को धाम कहावे मन ईशा सब पावे,

दूर दूर से आके सब जन दर पे अर्ज लगावे,

यहाँ विराजे मुखड़ा न्यारा ये तो जन्नत से है प्यारा,

श्री श्याम मंदिर खाटू का जन्नत से है प्यारा,

जो जो इसकी सीधी चढ़ता दिन रात आगे बढ़ता,

नौका भव से पार हो जाए नहीं किसी से डरता,

यह संकट कट ता है सारा ये तो जनत से है प्यारा,

श्री श्याम मंदिर खाटू का जन्नत से है प्यारा,

लम्भी लम्भी कतार में लग के सब जग दर्शन पाते,

खाली झोली लेकर आते भर के झोली जाते,

लगता मोर छड़ी का झाड़ा ये तो जन्नत से है प्यारा,

श्री श्याम मंदिर खाटू का जन्नत से है प्यारा,

इतर की यह वर्षा होती श्याम का लगता नारा,

कहे राहुल खाटू आना किस्मत का चमके तारा,

ये है हारे का सहारा ये तो जन्नत से है प्यारा,

श्री श्याम मंदिर खाटू का जन्नत से है प्यारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।