थे तो आया जम्भेश्वर आया

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
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॥ पावन पाठ ॥

थे तो आया जम्भेश्वर आया, भगता रे मन भाया जी,

म्हे तो थाने मनावण आया,राखो छत्र वाली छाया जी,

गुरू जी थाने मनावण आया

देवा ऊचे आसन बेवो- देवा ऊचे आसन बेवो,

थे तो दुनियां ने दर्शन देवो जी गुरू जी थाने

थे तो समराथल पर आए-देवा समराथल पर आए।

उन्नतीस नियम बतलाए जी गुरू जी थाने

थे तो उमा ने भांत भरायो,देवा उमा ने भांत भरायो

रोटु मे बीरो गवायो जी गुरू जी थाने

थारी जग मे महिमा भारी,गुरू जी जग मे महिमा भारी।

थाने पूजे नर ओर नारी जी गुरू जी

थारो सदानन्द यस गावे-स्वामी सदानन्द यस गावे।

थारे चरणा मे शीश निवावे जी गुरू जी थाने

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M. 9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।