श्याम धनि मने सेवक रखले अपना खाटू में,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये धांटे पर भी धटा न दिल क्यों कर धाटू मैं,

ओ श्याम धनि मने सेवक रखले अपना खाटू में,

जब तेरी याद सताती है,

या नींद मने न अति है,

बड़ी मुश्किल से रात कटे दिन क्यों कर काटू मैं,

मैंने श्याम धनि नोकर रखले अपना खाटू में,

न तेरे बिना गुजारा है,

मेरा तू ही श्याम सहारा है,

तेरे बिना न दिन कट ता ये क्यों कर काटू मैं,

ओ श्याम धनि मने नोकर रखले अपना खाटू में,

मेरा बाबा मने बुलाले तू,

मने अपने गले लगा ले तू,

तेरे हुकम ने बाबा में क्यों कर नाटू मैं,

ओ श्याम धनि मने नोकर रखले अपना खाटू में,

कब तेरा बुलावा आवेगा,

न बोबी भी रुक पावेगा,

तेरे हुकम ने बाबा मेरे क्यों कर नाटू मैं,

ओ श्याम धनि मने नोकर रखले अपना खाटू में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।