मेरे रोम रोम में श्याम मगन मैं नाचूँगी

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे रोम रोम में श्याम, मगन मैं नाचूँगी

मुझे दुनिया से क्या काम, मगन मैं नाचूंगी

नाचूंगी, मैं तो नाचूंगी, सलोने श्याम, रसीले श्याम

मैं गिरिधर की गिरिधर मेरे,

जनम जनम के हो गए फेरे ।

मेरा जुड़ गया इनसे नाम,

मगन मैं नाचूंगी ॥

मुझे नचावे उसकी मस्ती,

मुझको मिल गयी बिकुल सस्ती ।

ना कौड़ी लगा ना दाम,

मगन मैं नाचूंगी ॥

जब काहना की बाजे मुरलिया,

छम छम बाजे मोरी पायलिया ।

अब लोग करे बदनाम,

मगन मैं नाचूंगी ॥

ऐसी नज़र प्रेम की मारी,

सुध बुध बूल गयी मुझे सारी ।

और भूल गयी घर बार,

मगन मैं नाचूंगी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।