देखो फिर आया नया साल है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखो फिर आया नया साल है

(तर्ज - जीवन तो भैया एक रेल है)

देखो फिर आया नया साल है...

हर कोई मस्ती में बेहाल है...

देखो फिर आया नया साल है...

हर कोई मस्ती में बेहाल है...

गोवा और शिमला तो सब जाते हैं...

उटी में धन दौलत लुटाते हैं...

बाबा के नैना, नैनीताल हैं...

हर कोई मस्ती में बेहाल है...

फॉरेन जाने की जिद क्यूं करते हो...

बाबा के आगे रोज बिफरते हो...

अपना तो खाटू बेमिसाल है...

हर कोई मस्ती में बेहाल है...

खाटू की अब के टिकट कटा लेना...

बाबा के आगे धोक लगा लेना...

दर्शन से कटता हर जंजाल है...

हर कोई मस्ती में बेहाल है...

क्या जरूरत, भर के बैग ले जाने की...

बाबा खुद चाबी है, खजाने की...

बिन मांगे करता मालामाल है...

हर कोई मस्ती में बेहाल है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।