झीणी उङ रे गुलाल

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
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॥ पावन पाठ ॥

झीणी- झीणी उङ रे गुलाल,जाम्भेजी रा मेला मे,

तिर्थ तालवे थारी बणी समाधी,

धोक लगावे जारे मिट जावे व्याधी,

मंदिर बण्यो मुकाम लोग आवे दर्शण ने

ऊचो समराथल बणियो देवरो,

चाव घणो सब ने दर्शण रो,

ध्वजा फंरु के आसमान जाम्भेजी रे मंदिर पर

दूर देशा रा आवे यात्री,

पूजा लावे भाँत-भाँत री,

धोक लगावे नर-नार जाम्भेजी रे मंदिर मे

घृत गूगल सुं जोत जगावे,

साखी आरती हरजस गावे,

शब्दा री झणकार गुरूजी रा मेला मे

सदानन्द थारो यस गावे

निश दिन थारो ध्यान लगावे

करियो भव सु पार आयो थारे शरणां मे

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M. 9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।