श्याम तेरे नाम से ही मेरी पहचान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इस दुनिया में श्याम तू मेरा मुकाम है,

श्याम तेरे नाम से ही मेरी पहचान,

जब तक न था तू मेरा मेरा न कोई था,

ना थी रहे ना थी मंजिल हमसफर न मेरा,

तूने मुझे उठाया गले से लगा लिया उस घडी उस डगर उस सफर को पहचान,

श्याम तेरे नाम से ही मेरी पहचान,

जो न मिला था जग से वो तूने दे दिया,

जो मिला मुझको जग से वो तूने ले लिया,

इतनी किरपा की तूने मेरा नाम कर दिया,

उस किरपा उस मेहर उस दया को परनाम,

श्याम तेरे नाम से ही मेरी पहचान,

जब तक जियु मैं बाबा बुलु न ये किरपा,

चाहे जियु दो पल ही हर पल रहु तेरा,

बरसे किरपा सदा सबपे ये विनती मेरी,

तेरे दर जुक जाए बाबा सारा जहां,

श्याम तेरे नाम से ही मेरी पहचान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।