पहले आदि गणेश मनाया करो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

पहले आदि गणेश मनाया करो,

फिर भोले जी के दर्शन पाया करो ।

भोले तेरी निराली माया,

कही धूप ते कही छाया है ।

कहीं जंगल में मंगल छाया है,

पहले आदि गणेश मनाया करो...

भले अंग भभूत रमाई होई है,

गले सर्पो की माला पायी होई है ।

उमा पार्वती संग आई होई है

पहले आदि गणेश मनाया करो...

भोले जाटों में बह रही है गंगा धारा

जिथे बनया है सोहना मूर्ति द्वारा

उत्थे नहांदी है लोकी जग सारा

पहले आदि गणेश मनाया करो...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।