सच कहता हु श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज-जब कोई तकलीफ सताए

सच कहता हु श्याम तेरे बिन और कोई न भाता हे

जब जब मुझको पड़े जरुरत केवल तू ही आता हे

ये दुनिया हे रंग बिरंगी हर चहरे पर चहरा हे

मतलब की झूठी दुनिया में,स्वारथ का रंग गहरा हे

प्रीत की रीत निभाए हरदम,जित मेरी करवाता हे

सच कहता हु श्याम तेरे बिन......................

नहीं में करता उनपे भरोसा,पर दुनिया में रहना हे

साथी संगी कहना हे पर,श्याम सरन में रहना हे

श्याम सरन में रहने से सारा,अंधकार मिट जाता हे

सच कहता हु श्याम तेरे बिन...............

जब जब जित की बाजी आयी,हार मुझे अपनों ने दी

हार को बदल दी जित में तुमने,चहरे पे मुस्कान ही दी

सच्चे प्रेमी से सांवरिया,प्रेमी को मिलवाता हे

अंश का लाड लड़ाये हरदम, जी भर प्यार लुटाता हे

सच कहता हु श्याम तेरे बिन..............

सर पर हाथ फिराए हरदम अपना बोध कराता हे

दामन में विश्वाश की पूंजी बाबा भरता जाता हे

सच कहता हु श्याम तेरे बिन.................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।